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बालविहार तथा प्राईमरी स्कुल


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स्वामी बालेन्दु ई.वी. बालविहार तथा प्राईमरी स्कुल

Children of the School

स्वामी बालेन्दु ई.वी. बालविहार तथा स्वामी बालेन्दु ई.वी. प्राईमरी स्कुल,  उत्तर भारत में वृन्दावन में स्थित  स्वामी बालेन्दु जी के आश्रम श्री बिंदु सेवा संस्थान परिसर में ही है। स्कुल तथा बालविहार के कमरे आदि सन्‌ 2008 में पुरी तरह तैयार चुके हैं, अब बच्चे सुंदर कमरो में तथा शांतिपूर्ण वातावरण में शिक्षा ग्रहण करते हैं।     

स्वामी बालेन्दु ई.वी. के शिक्षण संस्थान का निर्माण गरीब बच्चों को शिक्षा में सहायता प्रदान का करने के लिये किया गया है     बालविहार तथा प्राईमरी स्कुल के उन बच्चों को शिक्षा प्रदान करता है, जिनका परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत कर रहा है, अपनी छोटीसी कमाई पर वे अपने बच्चों को स्कुल भेजना वहन नही कर सकते हैं, बहुत से माता-पिता सुबह काम पर जाते हैं तथा उसी दिन कि कामाई से वे रात का खाना खरीद लेते है, उनके पास कोई बचत नही होती जिससे वे बच्चे की फीस जमा कर पाएँ तथा उनपे इतना समय तथा ज्ञान नही होता जिससे वे अपने बच्चों खुद पडा सकें

स्वामी बालेन्दु ई.वी. बालविहार तथा प्राईमरी स्कुल में किसी भी प्रकार की फीस नही है।संस्थान दान के द्वारा चलता है जो की बच्चो को स्कुल ड्रेस, किताब, पेन, तथा प्रतिदिन दिन का गरम भोजन प्राप्त करता है।माता-पिता उन्हें सुबह काम पर जाने से पहले छोड़ जाता हैं तथा दोपहर में काम से वापीस घर जाते समय उन्हें वापीस ले जाते हैं।

स्वामी बालेन्दु ई.वी. बालविहार में बच्चे साधारणतयः पढ़ना तथा लिखना एक खेल कि तरह सीखते हैं। वे एक समुह में रहना सीखते हैं तथा कुछ समय के लिये बैठते हैं जैसे वे कुछ समय के लिये स्कुल जाने के लिये बैठे हैं, चित्र तथा चिह्नो से वे रंग, आकृति, जानवरों के नाम तथा बहुत कुछ सीखते हैं। इन छोटे बच्चों कि उम्र 3 वर्ष तक की होती हैं।

6 वर्ष कि आयु में यह बच्चे प्राईमरी स्कुल में कक्षा 1 में जाते हैं जहाँ इनके पास हिन्दी कि कक्षाओं के साथ अंगेजी कि कक्षाएँ भी होती हैं  बड़ी कक्षाओं में वे भारत के इतिहास तथा भुगोल के बारे में बहुत कुछ सीखते हैं। चित्रकला का भी ज्ञान इनको प्रदान किया जाता है तथा कुछ बच्चे इसमे बहुत रूचि रखते है तथा सांस्कृतिक नृत्य कि भी शिक्षा इनको प्रदान करायी जाती हैं। किसी विशेष अवसर पर जैसे स्वतंत्रता दिवस पर प्रदर्शन कर सकता है जो कि उसने सीखा है जो कि हमेशा एक अद्‌भुत प्रदर्शन होता है।

जैसा कि उपर दिया है कि बालविहार तथा प्राईमरी स्कुल दान सहयोग द्वारा चलाया जाता है। सभी बच्चों को श्री बिंदु सेवा संस्थान सहायता प्रदान कि जाती है तथा उनमें से बहुत दुनिया भर से लोग हमारे प्रायोजक हैं,  आप भी किसी एक बच्चे के प्रायोजक बन सकते हैं तथा 160 युरो प्रति वर्ष देकर उस लडके या लडकी के लिए उनकी शिक्षा सुनिश्चित किजिये।    

 

 

आप हमारी एक दिन या कुछ दिनों के लिये भोजन कि प्रायोजकता कि योजना मे भी सहायता कर सकते है

अपने दान से हमारी परोपकर योजनाओं मे सहायता किजिये

एक दिन का भोजन या एक बच्चे को प्रायोजित किजिए

हमारी योजनाओ तथा बच्चों के फोटो देखिए