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आयोजन

Shree Bindu Sewa Sansthan Ashram

आश्रम में आपका समय - विश्राम,  योग, संगीत, पोषण, आयुर्वेद - सब कुछ जो मन चाहता है

श्री बिंदु सेवा संस्थान आयोजनों को तथा भिन्न भिन्न महत्वों के साथ वर्ष में अलग अलग समय पर यात्राएँ आयोजित करता है  हम आपका स्वागत कर प्रसन्न होंगे!

आयुर्वेदिक योग विश्राम

 - आश्रम में इस आयोजन में आयुर्वेद तथा योग को संघटित करके अपने शरीर, मस्तिष्क तथा आत्मा को आराम तथा शान्ति दिजिए -

आयुर्वेदिक योग विश्राम के तिथि तथा उपहार के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें 

शिक्षको के लिए अन्तराष्ट्रीय योग शिक्षण

- क्या आप एक योग आयोजन या योग विश्राम अपने अध्यन तथा ज्ञान को आकर्षक तथा बड़ाने के लिए देख रहे हैं? -

शिक्षको के लिए अन्तराष्ट्रीय योग शिक्षण के लिए तिथि तथा उपहार के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

भारत कि एक संगीतमय यात्रा

27 मार्च – 3 अप्रेल 2010
9 अक्टुबर - 16 अक्टुबर 2010

वृन्दावन में भारतीय संगीत कि चिकित्सा उर्जा का अनुभव किजिए, भारत के एक सर्वोत्तम स्थान में ध्वनि के साथ जाप कीर्तन तथा ध्यान कि जन्म भुमि पर!
नाद योग व्यायाम के साथ अपनी स्वयं कि आवाज तथा ध्वनि को खोजिए

Thomas Meisenheimer


वृन्दावन के अद्वितीय मन्दिरों को देखिए तथा एक प्राचीन संगीत संस्कृति को खोजिए


यशेन्दु गोस्वामी तथा थॉमस माइजेनहाइमर के साथ श्री बिंदु सेवा संस्थान के एक प्रेममय वातावरण में योग तथा ध्वनि चिकित्सा के साथ एक समारोह का आनन्द लिजिए

यशेन्दु गोस्वामी आपके शरीर के लिए आपको एक चयनित तथा सुगम हठ योग तथा श्वसन क्रिया दिखाएंगे जो कि शरीर को तनावमुक्त, श्वसन क्रिया के मार्ग को शुद्ध तथा साफ तथा स्वरतंत्री को मधुर रखता है यह हमारे पूरे शरीर में गुंजन के लिए सहायता करता है ताकी  आपके स्वर स्वतंत्रता पूर्वक विकसित हो सके
 

नाद योग आपके शरीर के गुंजन कि जगह को प्रकाशित करता है, आपके शरीर में ध्वनि को खोजता है तथा ध्वनि कि गुंजन का निरिक्षण करता है

इस ध्वनि ध्यान (सितार तथा रुद्र वीणा के साथ) में थॉमस माइजेनहाइमर भारतीय संगीत कि चिकित्सा शक्ति के बारे में एक परिचय देंगे

कीर्तन, जाप तथा ध्वनि के साथ कार्य करके एक नये गुंजन के स्थान के प्रति आपको धीरे धीरे जागरूक बनाता है तथा आप भारतीय संगीत के अंतराल के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे
                                                                                                                                                                                                                           ध्वनि के बाद कि शान्ति में आप नाद योग के लक्ष्य के पास होंगे: बाहरी ध्वनि से आंतरिक ध्वनि में विलीन होने के लिए  
आपकी श्रवण इन्द्रियाँ पवित्र नदि के पास प्रकृति कि संगीत कि ध्वनि या संध्या के समय वृन्दावन के मंदिरों से किर्तन संगीत कि ध्वनि सुनकर प्रशिक्षित हो जायेंगी

इस समारोह के पहले या बाद में आप आश्रम में आपके आस पास के स्थानों के भ्रमण के लिए यात्रा के आयोजन के लिए कह सकते हैं

समारोह के लिए उपहार: 7 दिन – 700 युरो / 1030 डॉलर

यह समारोह अंग्रेजी में आयोजित किया जायेगा.इस आयोजन के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ सम्पर्क करें thomas@jaisiyaram.com

इस उपचार कि पूर्व बुकिंग के लिए आपको 50%  फीस पहले जमा करवानी होगी

इस आयोजन के रजिस्ट्रेशन के लिए यहाँ क्लिक करें तथा अपने पूर्व भुगतान के लिए यहाँ क्लिक करें

थॉमस तथा उनके कार्य के बारे में अधिक जानकारी के लिए: http://www.klang-tempel.de/


 

अविश्वनीय भारत का अनुभव!!!

15 अप्रेल - 15 मई 2010

आइये तथा सुआन के साथ उत्तरी भारत कि यात्रा में भाग लिजिए। वृन्दावन में आश्रम में यदि लोगो को अपने शरीर, मस्तिष्क तथा आत्मा के साथ यात्रा के लिए आना चाहते है तो यात्रा प्रारम्भ करने से पहले आपके लिए यह उत्तरी भारत के कुछ भव्य स्थान: ताज महल, खजुराहो का कामसुत्र मंदिर, गुलाबी नगर जयपुर तथा और भी अधिक भ्रमण के लिए स्थान हैं।    

इस पूरी यात्रा में आप सुआन के साथ योग कक्षा तथा ध्यान का आनन्द लेंगे, जो कि एक अनुभवी योग शिक्षक तथा स्वास्थ सलाहकर हैं। वह प्रसन्नचित्त स्वभाव कि हैं लेकिन वह आपको पुरे मन से आप को इस यात्रा में मार्गदर्शित करेंगी तथा आप पर देश व संस्कृति का वह प्रभाव होगा जिसे आप कभी भुला नही पायेंगे! आश्रम में समुह के लोग अपने पिछले समय का विभिन्न प्रकार से आनन्द लेंगे जैसे नृत्य पार्टी, हवन समारोह तथा आयुर्वेदिक भोजन बनाने कि कक्षाएँ तथा वास्तव में आश्रम का भोजनालय एक सात्विक तथा स्वास्थवर्धक  भोजन बनायेगा जो कि आपके शरीर को स्वस्थ बनाएगा तथा आने वाले हर कार्य के लिए चुस्त तथा फुर्तिला रखेगा!

 

महान हिमालय

महान हिमालय पृथ्वी के ह्रदय के नाम से भी प्रसिद्ध है तथा प्रायः पृथ्वी के ताज के नाम से बुलाया जाता है विश्व का साँतवा उँचा पर्वत हैं

Himalayas

 माउन्ट ऐवरेस्ट  पर्वत भी हिमालय कि पहाड़ों में है हिमालय हमेशा से ही ध्यान तथा आध्यात्मिक अध्यन के लिए एक उच्चतम स्थान रहा है मनुष्य के प्रारम्भ से लोग इस अद्‌भुत शान्ति से आकर्षित होते आये हैं जो कि इन पहाड़ो कि यात्रा से हि नही बल्कि स्वयं के ह्रदय तथा मस्तिष्क से भी आती हैं

 यशेन्दु गोस्वामी अपने हिमालय कि कुछ हि यात्राओं से अपने शब्दों से कहते हैं “हिमालय कि इस भव्य प्रकृति में होना आध्यात्मिक शक्ति का एक बहुत बड़ा अनुभव हैं” , भारत के प्रत्येक धर्म ग्रन्थ में हिमालय कि महान आध्यात्मिक शक्ति के बारे में लिखा हैं, भगवान श्री रामचन्द्र जी ने हि यहाँ पर अपने जीवन के बहुत से वर्ष नही व्यतित किये थे बल्कि प्रभु ईसा मसीह ने भी इन पर्वतों कि अकर्षित उर्जा में यहाँ अपने जीवन के महत्वपूर्ण क्षण व्यतित किये है

हिमालय नाम कि उत्त्पत्ति सस्कृत के शब्दों से हुई है, “हिम” तथा “आलय”, “हिम” का अर्थ बर्फ तथा “आलय” का अर्थ घर से है अतः हिमालय एक “बर्फ का घर” है यहाँ पर सैकड़ों रोचक स्थान हैं जैसे झील, घाटियाँ, पार्क तथा झरने आदि जिनका आप भ्रमण कर सकते हैं हिमालय प्राकृतिक खजाने से भरा हैं जैसे जड़िबुटियाँ, रत्न तथा नमक आदि

श्री बिंदु सेवा संस्थान अवसरों पर पृथ्वी के ह्रदय कि यात्रा को आयोजित करता है। प्रत्येक सभी इस हिमालय के पर्वतों कि सुंदरता के अनुभव के लिए आमंत्रित हैं। यदि आप हमारे साथ अपने तथा अपने समुह कि यात्रा को आयोजित करना चाहते हैं तो हमें यहाँ लिखे info@jaisiyaram.com