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राधा अष्टमी |
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राधा अष्टमी भारत में एक बड़ा धार्मिक त्यौहार हैI यह देवी राधा का जन्म दिवस है एवं इसलिये सर्वाधिक महत्वपूर्ण छुट्टियों में से एक है। विशेष रूप से वृंदावन में इस त्यौहार को प्रमुख छुट्टियों में से एक के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इसी शहर में राधा एवं भगवान कृष्ण ने अधिकांश समय एक साथ व्यतीत किया एवं अपने प्रेम को प्रसिद्ध कियाI प्रत्येक वर्ष राधा अष्टमी के दिन हजारों लोग वृंदावन में उत्सव मनाने आते हैं। उसी दिन दो और जन्म दिवस हैं जो इस दिवस को और अधिक शुभ बनाते हैं। एक है स्वामी हरिदास जी, महान सन्त एवं संगीतकार का जन्म दिवस। वे दूसरे अद्भुत संगीतकार, तानसेन के गुरू थे। स्वामी हरिदास जी ने राधा एवं कृष्ण के संबंध में हजारों प्रेम की कविताओं की रचना की जो आज भी लोकप्रिय हैं। उनके प्रेम एवं भक्ति के उपदेश सभी की हृदयों को छूते हैं। द्वितीय जन्म दिवस है संत गोस्वामी बिन्दु जी, स्वामीजी के दादा का। इसी कारण से स्वामी जी ने इस दिन को अगले 3 वर्षों एवं 108 दिनों के लिये चिंतन करने के लिये गुफा में प्रवेश करने के लिये चुना। ये सभी बातें इस एक दिन एक साथ होती हैं एवं वही इस दिन को श्री बिन्दु सेवा संस्थान के लिये बहुत विशेष बना देता है। यह ज्ञान, उल्लास एवं उत्साह का उत्सव है जो उनके एक समान होता है। इस समय के दौरान, आध्यात्मिक शक्ति एवं अनुभव शिखर बिन्दु पर होते हैं। आपको इसे नहीं चूकना चाहिये! आने वाले राधाष्टमी पर्व कि तिथि कि जानकारी के लिए हमारे कलेण्ड़र को देखिए आश्रम में राधाष्टमी महोत्सव कि तस्वीरें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
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