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मन्त्र कार्यशाला

Swami Balendu

मन्त्र की पुनरावृत्ति का साधारण अर्थ है ध्वन्यात्मक अभिप्राय वाले एक वाक्य या शब्द-समूह की पुनरावृत्ति बस इतना ही मन्त्र मूलभूत रूप से ध्वनि से संबंधित है मन्त्र ध्वनि है एवं ध्वनि इस जगत में प्रत्येक चीज में गूँजती हैजब जल प्रवाहित होता है, इससे निकलने वाली कलकल की आवाज मन्त्र है जब हवा पेड़ों से होकर बहती है, इससे निकलने वाली सरसराहट की आवाज मन्त्र है जब हम भूमि पर चलते हैं, हमारे पदचापों से ध्वनि उत्पन्न होती है, एवं वह भी मन्त्र है मनुष्य के अंदर एक स्वजन्मा, अटूट ध्वनि है जो अपने आप को हमारे साँसों के साथ सदा दोहराती है एवं यह ध्वनि भी एक मन्त्र है  धवनि में असीम शक्ति है, वास्तव में इसमें समूचे जगत की सृष्टि करने की शक्ति है येह लिखा गया है कि ईश्वर पहले धवनि के रूप में प्रकट हुये  (शुरू में शब्द था, एवं शब्द ईश्वर के पास था न्यू टेस्टामेंट, जॉन 1;1-2)  प्राचीन भारतीय विश्वासों के अनुसार, आरंभ में ध्वनि थी जो ॐ के रूप में गूँजती रही एवं उस ध्वनि से सब चीज अस्तित्व में आई  आधुनिक वैज्ञानिक भी हमारे प्राचीन ज्ञानियों के समान यह मानने लगे हैं एक कंपन है जो समूचे ब्रह्मांड में अनवरत गूँजता रहता है  जब अक्षर एवं शब्दांश मिल जाते हैं, वे शब्द का निर्माण करते हैं हमारे आध्यात्मिक एवं सांसारिक जीवन दोनों केवल शब्दों के कारण ही संभव हैं ; भाषा के बिना, हम अपना कोई भी क्रियाकलाप पूरा नहीं कर सकते हैं हमारे द्वारा प्रयुक्त प्रत्येक शब्द की अपनी शक्ति है एवं यह अपनी प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है मन्त्र अक्षरों एवं शब्दांशों का कोई साधारण मेल नहीं है, बल्कि एक क्रियाशील शक्ति है ईश्वर का नाम ईश्वर से भिन्न नहीं है मन्त्र को ईश्वर का ध्वनि-आवरण कहा जाता है: ध्वनि के रूप में यह ईश्वर है  भागवद्‌ गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं,  " धार्मिक कृत्यों में, मैं मन्त्र आवृत्ति का संस्कार हूँ"  इसके द्वारा उनका मतलब है कि जबकि अन्य तकनीक उन्हें प्राप्त करने के साधन हैं मन्त्र उनका वही अस्तित्व है इसलिये मन्त्र को दोहरा कर ईश्वर का अनुभव करना इतना आसान हैमन्त्र चिंतन एक शब्द-समूह की आवृत्ति है जो ध्वनि कंपन उतपन करती है जो हमारे हृदय एवं मन में ईश्वर के प्रति प्रेम जाग्रत करती है  लाखों मन्त्र हैं लेकिन आपके लिये कौन सा है? धर्मग्रन्थों में विभिन्न विषयों के लिये विशेष रूप से प्रासंगिक विभिन्न मन्त्र हैंआपकी व्यक्तिगत आवश्यकता/विषय से संबद्ध सही मन्त्र का चुनाव करना महत्वपूर्ण है ताकि इस मन्त्र से होने वाले पूर्ण उपचारात्मक लाभों को महसूस एवं अनुभव किया जा सके आप स्वामीजी से अपने व्यक्तिगत विषय के लिये एक मन्त्र का चुनाव करने के लिये कह सकते हैं यदि आप मन्त्र कार्यशाला को आयोजित करना या उसमें भाग लेना या अपने लिये एक व्यक्तिगत मन्त्र चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिये हमसे कृपया यहाँ संपर्क करें:

यहाँ पर बहुत सारे मंत्र है लेकिन कौन सा मंत्र आपके लिए है? , ग्रन्थो में बहुत से मंत्र है लेकिन प्रत्येक मंत्र किसी विशेष समस्याओं के लिए है। सही मंत्रों को छाँटना महत्वपूर्ण है जो की आपकी समस्याँ का सही निवारण करे तथा मंत्र के पूर्ण चिकित्सा के लाभ का अनुभव कराये। आप स्वामी जी से अपने स्वयं कि समस्याओं के लिए मंत्रो  को छाँटाने के लिए पूछ सकते हैं

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