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पक्षी विहार घाना, भरतपुर

Bharatpur

Keoladeo -

Birds from all over the world

भरतपुर पक्षी विहार राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश राज्यों की सीमाओं के बीच भारत के प्रमुख वन्य-जीव अभयारण्यों में से एक है पहले क्योलैडियो घाना राष्ट्रीय उद्यान के नाम से ज्ञात, यह एक दलदली क्षेत्र है, जो 29 वर्ग मीटर में जंगलों, घास-स्थलों एवं छिछले झीलों में फैला हुआ हैअभरा क्योलैडियो, आरंभ में एक सुरक्षित मृगयास्थल के रूप में स्थापित, 1956 में पक्षी विहार एवं अंतत: 1982 में एक राष्ट्रीय उद्यान बना आज इस क्षेत्र की गणना विश्व के बेहतरीन जल पक्षी सुरक्षित स्थलों में से एक के रूप में की जाती है यह विश्व विरासत स्थल हमारे आश्रम से केवल 40 किलोमीटर की दूरी पर है प्रात:काल के आरंभिक समय में आने पर आपके द्वारा विश्व के सर्वाधिक विलुप्तप्राय: पक्षी प्रजातियों के देखे जाने की संभावना है अभरायण्य में भ्रमण करने का अनुकूलतम समय नवंबर से मार्च है जब साइबेरिया के पक्षी वहाँ बच्चे जनते हैं यदि आप आश्रम में रूकने के दौरान क्योलैडियो का भ्रमण करना चाहते हैं तो हम आपके लिये इसकी व्यवस्था कर सकते हैं

 भरतपुर, राजस्थान से निकट ड़ीग जलस्थान कि तस्वीरें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें