Language:
English
German
French
Spenish
Italian
Russian
Newsletter
51 Children Not Sponsored yet
255 Days Still Free
Russian
Italian
Spenish
French
German
English
इस पृष्ठ को अन्य भाषाओँ में पढ़ें:

हमारे निकट

Swami Balendu हम संपूर्ण विश्व के अपने सभी आयोजकों को अपना सच्चा धन्यवाद एवं कृतज्ञता अर्पित करना चाहते हैं आपने हमारे सभी कार्यों एवं परियोजनाओं को संभव बनाया है विदेश में रहकर हमारा ऐसा विशेष ध्यान रखने और अपने घर एवं हृदय के दरवाजे को हमारे लिये खोलने के लिए हम आपसे प्यार करते हैं एवं आपको धन्यवाद देते हैं आपका अतिथि बनना हमारा परम सौभाग्य था और आपके प्यार एवं सहयोग के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद
न सिर्फ प्यार भेज कर बल्कि अनुवाद करने, सामग्रियों का संपादन करने, लेख लिखने, क्रमादेशन करने, अनुसूचियाँ तैयार करने तथा उनकी अभिकल्पना करने में काफी समय व्यतीत कर निरन्तर सहयोग करने के लिए हमारे सभी बंधुओं को हमारा बहुत-बहुत धन्यवाद इसके अतिरिक्त हमारी परियोजनाओं के लिए आप के द्वारा दिए गये अनुदान एवं आर्थिक सहयोग के लिए हम आप सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद अर्पित करना चाहते हैं
नीचे आप कुछ हमारे कुछ ऐसे मित्रों को देखेंगे जो कि स्वयं ही उनके अपने क्षेत्रों जैसे कि कला, अभिकल्पना, योग एवं उपचार में समृद्ध हैं वे सभी प्रेम के आध्यात्मिक मार्ग का अनुसरण कर रहे हैं स्वामीजी उनको एवं उनके परिवार को ढ़ेर सारा प्रेम एवं आशीर्वाद भेज रहे हैं
 

माइकल कोसाक

मई 2001 में स्वामीजी के साथ भेंट मेरे लिये एक बहुत बड़े सम्मान की बात थी हमारे परिवारों के बीच जो मित्रता कायम है वह प्रेम का है और हम सब के लिये अमुल्य है इस विषय पर मैं यह समझाना ........  
अधिक सूचना के लिए यहाँ क्लिक करें

Michael Kosak
Rainer Franke

रेनर और रेजिना फ्रैन्क

हम स्वामीजी से जून, 2001 में हमारे मित्र माइकल कोसाक के माध्यम से मलोर्का में मिले यह एक बहुत ही विशिष्ट प्रकार का समागम था; एक शाम माइकल ने अगली सुबह कुछ बहुत असामान्य अनुभव ........
अधिक सूचना के लिए यहाँ क्लिक करें

थॉमस माइजेनहाइमर

 

आप कौन हैं स्वामीजी और मैं कौन हूँ? सच में मेरे पास इसका कोई उत्तर नहीं है मेरे लिए आप न तो कोई गुरू हैं और ना ही मालिक आपमें एक प्राकृतिक  ........
अधिक सूचना के लिए यहाँ क्लिक करें

Thomas und Iris

 

 

Sponsor a child of the Swami Balendu e.V. primary schoolHelp building the first floor of the school for poor childrenSponsor food for a day