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सहस्त्रसार चक्र - ताज चक्र |
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ताज चक्र, जैसा इसे कहा जाता है, सर के सबसे उपरी हिस्से में स्थित होता है। इसको कमल की 1000 पंखुड़ीयों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। जो की अमरत्व का प्रतीक है। जब कुंण्ड़लिनि सप्तम चक्र तक प्रवाहित होती है, तो व्यक्ति को कहा जाता है की आप ज्ञानोदय तक पहुँच चुके हो। इसमें ज्ञानोदय का मतलब भगवान के साथ एक होना है, पूरी एकता तथा पूरी जागरूकता में आप सत्य की चेतना से जुड़ जाते है तथा इस भौतिक संसार के छल से अलग अलग हो जाते है। यदी आप इस चक्र के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, कैसे अपनी कुण्ड़लिनि उर्जा को जागृत करना चाहते हैं तथा कैसे स्वामी जी ज्ञानोदय के दर्शन कराते है, तो चक्रों को संतुलित करने तथा इस प्रकार पुनः अपनी प्राकृतिक उर्जा के प्रवाह को प्राप्त करने के लिये चक्र कार्यशाला में स्वामी जी के मार्गानुसार भाग लेने के लिये आपका स्वागत है, आप स्वामी जी के साथ चक्र चिकित्सा सत्र में भी आ सकते है या चक्र नृत्य पार्टी में भी आ सकते है तथा अपने चक्रों को नृत्य संगीत के द्वारा क्रियाशील बनाइए। आप सहस्त्रसार चक्र के लिए संगीत भी ड़ाउनलोड़ कर सकते हैं।
यदि आप अपनी सम्स्याओं को इस चक्र से सम्बंधित पाते हैं जैसा कि उपर बताया गया है, आपको आपकी समस्याओं से उबारने के लिये हम आपको हमारी चक्र कार्यशाला में आमंत्रित करते हैं तथा बताते है कि आप स्वयं अपनी चिकित्सा कैसे कर सकते है।
यह केवल एक इस चक्र के संगीत का नमुना है।
पुरा संगीत 14 मिनट का है
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