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पंचम चक्र - विशुद्धि चक्र |
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पंचम चक्र हमारा संचार केंद्र है। कण्ठ में होता है, अपने आप को व्यक्त कर पाना इस चक्र के कारण होता है, चतुर्थ चक्र से उत्पन्न होकर आपको पवित्र तथा अपरिस्थित प्रेम का अनुभव कराता है। पंचम चक्र की उर्जा के प्रभाव से आप अपने भावों को व्यक्त कर सकते है। भावनाओं तथा भावनाओं को व्यक्त करने के साथ साथ भाषण मे प्रेरणा की स्पष्टता विशुद्धि चक्र से सम्बंधित है। शारीरिक स्तर पर यह स्वर तंत्र तथा सुनने कि क्रिया पर
नियंत्रण करता है।
थाइरॉइड तथा पाराथाइरॉइड ग्रंथि
की समस्याएँ पंचम चक्र में रूकावटों के साथ साथ कानों कि
समस्याओं के कारण होता है। यदि आपको अपनी भावनाओं को व्यक्त करने जैसी तथा अन्य किसी से संचार में कोई समस्या है तो सम्भवतः यह आपके पंचम चक्र में होनी वाली रूकावट के कारण है। अपने पंचम चक्र को शुद्ध करने के लिये आप चक्र कार्यशाला में आ सकते जहाँ आप अपने चक्रों के उपचार के बारे में सिख सकते है आप स्वामी जी के साथ चक्र चिकित्सा सत्र में आ सकते है या चक्र नृत्य पार्टी में भाग लिजिए जिसमें आप अपने आप को स्वतंत्रता पूर्वक व्यक्त करके अपने चक्रों को खोल सकते है। यदि आप अपने चक्रों को अपने घरों पर भी चक्र नृत्य के द्वारा शुद्ध करना चाहते है तो इसके लिये आप पंचम चक्र नृत्य संगीत यहाँ से डाउनलोड कर सकते है।
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