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मणिपूर चक्र - नाभि चक्र |
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तृतीय चक्र हमारी नाभि पर होता है, यह उर्जा चक्र होता है जो हमारे शरीर को उर्जा प्रदान करता है। यह वह चक्र है जो आपको सक्रिय बनाता है तथा आपको सक्रिय तथा गतिशील बनने के लिये उत्साह प्रदान करता है। सजीवता, सह नियंत्रण तथा आत्म विश्वास - इस चक्र के गुण हैं जो आप किसी भी मनुष्य के अंदर तृतीय चक्र के प्रबल होने के कारण देख सकते हैं। कोई व्यक्ति जिसके अंदर नाभि चक्र की उर्जा कमजोर होती है, वह व्यक्ति किसी भी कार्य को करने मे सक्षम नही होता है तथा वह अपने आप को उर्जा रहित महसूस करता है तथा आत्म विश्वास की कमी महसूस करता है। इस चक्र का तत्व अग्नि है तथा आप अपने अंदर एक ज्वलित उर्जा का अनुभव कर सकते है जो आप को आत्म विश्वास तथा जीवन प्रदान करता है। तृतीय चक्र हमारे जीवन में समाज के प्रति क्या महत्व के बारे में बताता है।प्रथम चक्र आपके स्वयं के बारे में बताता है, द्वितीय चक्र आपको आपके द्विविधता के बारे में बताता है, तथा तृतीय चक्र आपको एक समूह से जोड़ता है। भौतिक स्तर पर यह चक्र पाचन तंत्र तथा चयापचय,लीवर, पित्ताशय, तिल्ली तथा पाचक-ग्रंथि संयोजित करता है क्योकि आँतों के साथ मधुमेह तथा अन्य सम्स्याएँ तृतीय चक्र से सम्बंधित होती हैं। यदी आपकी कोई मणिपूर चक्र से सम्बंधित कोई समस्या है तथा क्या आप अपने चक्र के उपचार के बारे जानना चाहते है, तो एक चक्र कार्यशाला आपके के लिये अत्यतम उपयुक्त स्थान होगा,.आप स्वामी जी के साथ आध्यात्मिक चिकित्सा सत्र में भी आ सकते है, जो आपके चक्रो को मंत्र उर्जा द्वारा शुद्ध करते है, संगीत के साथ चक्र नृत्य पार्टी एक अत्यधिक अद्भुत चिकित्सा का मार्ग है जहाँ आप स्वतंत्रता पूर्वक नृत्य करते हुए अपने चक्रों को नियंत्रित करते है, क्या आप अपने चक्रों को अपने घरों पर चक्र नृत्य के द्वारा शुद्ध करना चाहते है?, आप तृतीय चक्र नृत्य का संगीत यहाँ से डाउनलोड़ कर सकते है।
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