Language:
English
German
French
Spenish
Italian
Russian
Newsletter
51 Children Not Sponsored yet
255 Days Still Free
Russian
Italian
Spenish
French
German
English
इस पृष्ठ को अन्य भाषाओँ में पढ़ें:

स्वाधिष्टान चक्र - सकराल चक्र

Your personal Mantra from Swami Ji
Advertisement with us
Second Chakra - Swadhishthan Chakra

नाम:

स्वाधिष्टान, सकराल, यौन, द्वितीय चक्र

स्थान:

यौन इंन्द्रियों मे

तत्व:

जल

रंग:

नारंगी

द्वितीया चक्र यौन चक्र होता है।नपुंसकता, मासिक धर्म, यौन सम्बन्धी रोग तथा बढती उम्र के साथ मासिक धर्म का बंद होना, यह कुछ सकराल चक्र में होने वाली रूकावटों की स्पष्ट पहचान है इसका प्रभाव प्रजनन तंत्र के साथ साथ युरिनरी सिस्टम पर होता है

यद्यपि स्वाधिष्टान चक्र में होने वाली रूकावटें हमारी भावनाओं पर असर करती है, यौन असुराक्षा तथा यौन उत्तेजना कि कमी परिणाम हो सकते है साथ हि साथ अत्यधिक यौन इच्छाएँ जो कि अपने साथी को धोखा देकर किसी दुसरे कि तरफ उत्तेजित कर सकती है

लेकिन यह केवल यौन भावनाओं के बारे में नही है, हमारी प्रत्येक प्रकार की भावनाएँ इस चक्र से जुडी हुई होती है तथा भावनाओं के फल स्वरूप भी जब नही जान पाते की आप को क्या चाहिये, इसी प्रकार इस चक्र का तत्व जल के भाँति आप अपनी भावनाओं को नही रोक पाते, तो भावनाओं को बहने दिजिए   

जब प्रथम चक्र के साथ उर्जा अपने आप में एकाग्रचित होती है की आपका मूलआधार क्या है? तथा आप कहाँ से आये है, तब द्वितीय चक्र अपने आप को आपके दुसरे व्यक्ति के साथ सम्बंध के बारे मे सोचता है। यह भी कैसे एक मुल समस्या है जो कि द्वितीय चक्र में होने वाली रूकावटों से उत्पन्न होती है।

यदी आपकी कोई द्वितीय चक्र से सम्बंधित कोई समस्या है तथा क्या आप अपने चक्र के उपचार के बारे में अधिक जानकारी जानना चाहते है अतः आप स्वामी जी की         चक्र कार्यशाला में आ सकते है तथा आप सीख सकते हैं कि कैसे आप अपनी उर्जा शुद्ध कर सकते है, आप स्वामी जी के साथ आध्यात्मिक चिकित्सा  सत्र में भी आ सकते है या  चक्र नृत्य ध्यान में आइये, चक्र नृत्य पार्टी इस अद्‌भुत ध्यान के लिये यह संगीत विशेषतः नृत्य के समय चक्रों को संतुलित करने लिये बनाया जाता है। स्वामी जी चक्र नृत्य पार्टी में चक्रों द्वारा आपको मार्गदर्शन देंगे तथा आप अपने चक्रों को अपने घरों पर भी चक्र नृत्य के द्वारा शुद्ध कर सकते है, इसके लिये आप चक्र नृत्य संगीत यहाँ से डाउनलोड कर सकते है

प्रेरक सुगन्ध:

केशवास(रोज़मेरी), गुलाब, शहद, रात की रानी (एक भारतीय फूल)

रत्न तथा पत्थर:

हिरा, मोती, मून स्टोन, Jasper, Citrine, Aventurine, Carnelian

शारीरिक समस्याएँ:

खून की कमी, द्र्व्य झिल्ल, पुटी, सुखी त्वचा, खसरा,सोने पर बिस्तर गीला होना, खून में अस्थिरता, शरीर मे गन्ध, हर्निया, दाद या खाज, नपुंसकता, कामुक्ता की कमी, गुर्दे की सम्स्याएँ, पिछले निचले हिस्से में दर्द,मासिक धर्म के बंद होने जैसे सम्स्याएँ, मासिक धर्म से सम्बंधित समस्याएँ, अंडाशय मे सम्स्याएँ, गर्भाशय मे समस्याएँ, कामुक्ता का आदी, पैरों में सुजन, पेशाब ग्रन्थि कि सम्स्याएँ, यौनि मे विकार, शीघ्रपतन, जलहित रक्त कैन्सर

भावनात्मक समस्याएँ:

शराबी, अकेलापन, नशेबाह, भावनात्मक कष्ट तथा अस्थिरता, अत्यधिक समझधारी, भय, लालसा, भावना का समाप्त होना, गालती, सृजनता कि कमी, विस्वास की कमी, निष्क्रिय आकर्षक व्यवहार, मासिक धर्म के पहले होने वाले रोग या लक्षण, कामुक्ता की कमी, अकेलापन तथा शर्मीलापन

 

 


Mantra Download from Jaisiyaram.com
Download Swadhishthan Chakra Music

First Chakra Second Chakra Third Chakra Fourth Chakra Fifth Chakra Sixth Chakra Seventh Chakra
प्रथम चक्र द्वितीय चक्र तृतीय चक्र चतुर्थ चक्र पंचम चक्र षष्टम चक्र सप्तम चक्र


Second Chakra Dance

IndaPoint
Sponsor a child of the Swami Balendu e.V. primary schoolHelp building the first floor of the school for poor childrenSponsor food for a day